
बात ज़रा पुरानी है..
पर बड़ी हसीन निशानी है.
सुना था बड़ा famous है course ..
enroll कर के जाना..
कभी था fun , कभी था बोझ..
दो साल क्या निकले...
ऐसे गुज़रे की कभी गए ही नहीं.
वोह time पर class में होने का challange ..
कर न पाया हमको end तक change ..
Race तो लगती थी..
पर time पर होने की नहीं..
पीछे वाली seat की.
Teacher के सवाल पर
सबका सर एक साथ झुकना.
और कसी एक के खड़े होने पर
सबका एक साथ मुस्कराना.
Discussion तो होते थे..
पर junta के dressing sense पर,
और उनके 'attitude ' पर..
character certificate देने में..
हम थे सबसे ' pro ' .
हमको खबर थी सबकी..
बाहर की हो या अन्दर की..
क्या चलता है किसके दिमाग में,
और क्या चलता है दिल में,
कोई atleast पूछता तो हमसे.
Mid -sem से पहले,
दिन में movies , और रात में cricket ,
down तो होनी ही थी अपनी wicket .
किसी के highest पाने से भी ज्यादा मज़ा,
तो किसी की back लगने पे लिया जाता.
और वो बेचारा भी साथ ही मुस्कराता.
हद तो End -sem पेपर से पहले थी..
मुश्किल होता decide करना,
कौन सी movie और कहाँ पे treat
वोह मज़ा अब तक न हुआ beat .
Faculty ने भी खूब पढाया..
किसी ने dance कराया,
किसी ने ' google ' कराया,
किसी ने बहुत समझाया,
और किसी ने खूब बनाया.
क्या खूब थे वो दिन,
क्या खूब थी वो रातें,
जो थे वो लोग,
जो थी वो बातें.
nice nice.....@
ReplyDeleteHarshit bhai...
ReplyDeleteNostalgic kar diya aapne...
Nostalgia to saaye me lekar chalte hain...:)
ReplyDeleteUss'ke bina kaise guzara...:)