Tuesday, May 17, 2011

LN1


अफ़सोस न कर, मुक़म्मल न होने का...
हैरान भी न हो, उसके सबाब पर...
ग़ालिब, को भी नाम मिला था...
उस उम्र के आखिरी पड़ाव पर...!

2 comments:

  1. nice....... to console anyone..

    ReplyDelete
  2. Great Lines... :)

    ReplyDelete